Sugarcane New Variety: गन्ने की नई किस्म का कमाल एक एकड़ से मिली 55 टन पैदावार,खर्च आधे से भी कम

New variety of sugarcane : Sugarcane New Variety: गन्ने की नई किस्म का कमाल एक एकड़ से मिली 55 टन पैदावार,खर्च आधे से भी कम,गन्ने की एक नई वैराइटी ने गन्ना उत्पादक किसानों में नई उम्मीद जगाई है. केरल में किए गए सफल परीक्षण से पता चला है कि गन्ने की नई किस्म से किसान, कम- पानी, उर्वरक का प्रयोग और साधारण रख-रखाव कर बढ़िया पैदावार प्राप्त कर सकते हैं.

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Sugarcane New Variety: गन्ने की नई किस्म का कमाल एक एकड़ से मिली 55 टन पैदावार,खर्च आधे से भी कम

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प्रोजेक्ट के कृषि सलाहकार Sriram Paramasivam ने कहा कि केरल के मरयूर में पारंपरिक रूप से गन्ने की गुलियों का उपयोग करके सीओ-86032 किस्म की खेती की जाती रही है. लेकिन इस परीक्षण में पहली बार गन्ने की पौध-बीज का इस्तेमाल खेती के लिए किया गया है. तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों ने गन्ने की खेती के लिए एसएसआई विधि पहले ही लागू कर दी है. खेती की नई विधि का उद्देश्य कम लागत पर उपज बढ़ाना है.

एक एकड़ फसल के लिए पौध की लागत महज 7.5 हजार रुपये The cost of planting for one acre crop is only 7.5 thousand rupees

Sugarcane New Variety: गन्ने की नई किस्म का कमाल एक एकड़ से मिली 55 टन पैदावार,खर्च आधे से भी कम

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मरयूर के एक गन्ना किसान पीएन विजयन का कहना है कि परीक्षण में एकड़ भूमि से 55 टन गन्ना की पैदावार की गई है. सामान्य तौर या पारंपरिक खेती से ये उपज महज 40 टन होती है और इसके लिए किसानों को 30 हजार गन्ना की ठूंठों की आवश्यकता होती है. हालांकि, इस विधि में हमने केवल 5 हजार पौध से ही 55 टन गन्ना प्राप्त किया है. प्रति एकड़ गन्ने की उपज के लिए किसानों को 18 हजार रुपये के गन्ने के गुलियां लने पड़ती हैं जबकि पौधे की लागत आधी लगभग 7.5 हजार रुपये से भी कम है.

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Kerala-Marayoor और कंथलूर ग्राम पंचायत में बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती करते आ रहे हैं. मरयूर का गुड़ अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. किसानों को उम्मीद है कि गन्ने की इस वैरायटी से उन्हें उनकी फसल पर लागत और मेहनत का उचित दाम मिल पाएगा.

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