Sunday, September 25, 2022
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Income Vs Expenses :कमाई कम ,महंगाई ज्यादा ,हर दिन बड़ रहा है महंगाई का मीटर, इन चीजों पर 20 से 30 प्रतिशत अधिक चार्ज

Income Vs Expenses :तेल से लेकर चिकन तक की कीमतें बढ़ने से खानपान कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी दाम बढ़ाने पड़े हैं.खानपान की चीजों के लिए 10-20 फीसदी तक ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहा है

Global Inflation 2022: दुनियाभर में आसमान छूती महंगाई (Inflation) के बीच लोगों को सबसे ज्यादा परेशान खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें कर रही हैं. विकासशील देशों के अलावा सिंगापुर जैसी एडवांस अर्थव्यवस्था वाला देश भी इसकी मार से अछूता नहीं है. घरेलू कीमतों को काबू में करने के लिए कई देशों ने खाद्य एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगा दी है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, मलेशिया ने पिछले महीने जिंदा ब्रॉइलर चिकन के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी. मलेशिया से बड़ी संख्या में पोल्ट्री का इम्पोर्ट करने वाला सिंगापुर भी इस फैसले से बुरी तरह प्रभावित हुआ है

10-20 फीसदी तक ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहा

खबर के मुताबिक, तेल से लेकर चिकन तक की कीमतें बढ़ने से खानपान कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी दाम बढ़ाने पड़े हैं. इस वजह से लोगों को खानपान की चीजों के लिए 10-20 फीसदी तक ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहा है. उपभोक्ताओं को समान मात्रा की वस्तु के लिए या तो ज्यादा रकम देनी पड़ रही है या फिर अपने खानपान में कटौती (Global Inflation 2022) करनी पड़ रही है. लेबनान में संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम लोगों को भोजन खरीदने के लिए नकद दे रहा है. बेरुत की रहने वाली ट्रेसी सलिबा कहती हैं कि मैं अब सिर्फ जरूरी सामान और भोजन ही खरीद रही हूंपिछले वर्ष 2.3 अरब लोगों ने भूखमरी का सामना कियाआर्थिक अनुसंधान एजेंसी कैपिटल इकोनॉमिक्स के मुताबिक उभरते बाजारों में खाद्य वस्तुओं की कीमतें इस वर्ष करीब 14 फीसदी और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सात फीसदी से अधिक बढ़ी (Inflation) हैं. एजेंसी ने अनुमान जताया है कि ज्यादा मुद्रास्फीति (Inflation worldwide 2022) के चलते विकसित बाजारों में इस साल और अगले साल भी खान-पान की वस्तुओं पर परिवारों को अतिरिक्त सात अरब डॉलर खर्च करने पड़ेंगे. विश्व खाद्य कार्यक्रम और संयुक्त राष्ट्र की चार अन्य एजेंसियों की वैश्विक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष 2.3 अरब लोगों को गंभीर या मध्यम स्तर की भूखमरी का सामना करना पड़ासूडान में 245 फीसदी पहुंच सकती है महंगाई

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सूडान में हालात बेहद खराब हैं, जहां मुद्रास्फीति (Inflation worldwide 2022) इस वर्ष 245 फीसदी के अविश्वसनीय स्तर तक पहुंच सकती है. वहीं ईरान में भी मई के महीने में चिकन,अंडे और दूध के दाम 300 फीसदी तक बढ़ चुके हैं. अकाल, सप्लाई चेन के मुद्दे, ऊर्जा के ऊंचे दाम (Global Inflation 2022) और उर्वरक की कीमतों के चलते दुनियाभर में खाद्य वस्तुओं की कीमतें (Inflation) आसमान छू रही हैं. इसकी ज्यादा मार विकासशील देशों के निम्न वर्ग के लोगों पर पड़ रही है और उनके लिए भरपेट खाने का इंतजाम कर पाना भी मुश्किल हो गया है.

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