Saturday, October 8, 2022
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Fish Farming : किसान भाई इस विधि से करे मछली पालन दुगुना होगा उत्पादन और तिगुना होंगा लाभ जाने कैसे

Fish Farming :मछली पालन आज के समय में रोजगार का एक बेहतर जरिया बन सकता है। देश के युवा इससे जुड़कर रोजगार कर रहे हैं और लाखों रुपये कमा रहे हैं। मछली पालन को बढ़ाने के लिए नई तकनीक और नए तरीके का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। नई तकनीक और पद्धति से कम जगह में भी बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सकता है। साथ ही, अधिक उत्पादन से अधिक कमाई होती है। वर्तमान में पारंपरिक मछली पालन की तुलना में अधिक तकनीक आधारित मछली पालन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बायोफ्लोक, आरएएस, केज (पेन) कल्चर के अलावा अन्य तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मछली पालन का एक अन्य तरीका मिक्स फिश फार्मिंग है। इस विधि से मछली की खेती कर जबरदस्त उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

मिक्स फार्मिंग या मिक्स्ड फिश फार्मिंग भी मिक्स फार्मिंग या मिक्स फार्मिंग की तरह ही है। इसमें विभिन्न प्रकार की मछलियों को पाला जाता है। जिसके तहत कार्प फिश और कैट फिश को एक साथ मिलाकर पाला जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक ही जगह से उत्पादन तीन से पांच गुना बढ़ जाता है। उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय तीन गुना तक बढ़ जाती है। गौरतलब है कि कार्प मछली के अंतर्गत रोहू, कतला, मृगल और बड़ी सिर वाली मछलियां आती हैं। जबकि कैट फिश प्रजाति में पंगास मछली का पालन किया जाता है।

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मिश्रित मछली पालन में इन बातों का रखें ध्यान
मुंबई के क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मोतीपुर के केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद अकलाकुर मछली को इस विधि में डालने से पहले मछली के आकार का ध्यान रखते हैं. पंगास मछली उंगलियों के आकार की होनी चाहिए। जबकि कार्प मछली का आकार फिंगरलिंग या अधिक होना चाहिए। कार्प मछली का आकार छोटा नहीं होना चाहिए क्योंकि पंगा मछली अगर आकार में छोटी होती है तो कार्प मछली खा सकती है। इतना ही नहीं भोजन करते समय पंगा मछली फास्ट फूड खाती है। जबकि कार्प मछलियां धीरे-धीरे खाना खाती हैं। इसके साथ ही कार्प फिश कैट फिश के कचरे को खा जाती है, जिससे खाने का सही इस्तेमाल होता है।

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मिश्रित मछली पालन के लाभ
मिश्रित मछली पालन में तालाब में ऑक्सीजन की कमी नहीं होती है, क्योंकि पंगा मछली सांस लेने के लिए पानी के ऊपर नीचे आती रहती है, जिससे पानी में ऑक्सीजन का स्तर बना रहता है। एक एकड़ के तालाब में मिश्रित मछली पालन के लिए कैट फिश या पंगा की 6000-8000 मछलियों का भंडारण किया जा सकता है। जबकि एक ही तालाब में दो से तीन हजार कार्प मछलियां रखी जा सकती हैं। यहां के किसान इस बात का ध्यान रखें कि जिस तालाब में बड़ा सिरा लगाया जा रहा है, वह वहां जमा न हो, क्योंकि दोनों मछलियों का भोजन एक ही होता है।

मिश्रित मछली पालन में आहार और उत्पादन
इस विधि से किसान साल में दो बार एक एकड़ के तालाब से उत्पादन ले सकते हैं। एक एकड़ में मछली की खेती कर किसान एक साल में 16 से 20 टन उत्पादन हासिल कर सकता है। मछली के आहार की बात करें तो प्रतिदिन दो किलोग्राम से शुरू करें और हर दिन इसकी मात्रा में दो किलोग्राम की वृद्धि करते रहें। इस तरह एक एकड़ के तालाब से किसान साल में पांच लाख रुपये से आठ लाख रुपये तक कमा सकता है।

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