Tuesday, September 27, 2022
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Wheat Price: किसानो के लिए बड़ी खुसखबरी फिर बढ़ने लगे गेंहू के भाव ,रूस-युक्रेन युद्ध का असर

Wheat Price: निर्यात की उम्मीद में फिर लाल हुआ गेंहू
150-200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गए भाव

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर बदली परिस्थितियों का असर गेंहू पर एक बार फिर देखने को मिल रहा है। मांग व सप्लाई में अंतर के चलते गेहूं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से युद्ध जारी है, लेकिन अब भी गेहूं के दामों में स्थिरता नहीं आई है।

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Wheat Price: गेंहू पर रूस-युक्रेन युद्ध का असर, बढ़ रहे भाव की जाने वजह

हाल ही, निर्यात की उम्मीद व खरीद में एफसीआई के हाथ खींचने से गेहूं के दाम एकाएक बढ़े हैं। जोधपुर की अनाज मंडियों में पिछले तीन-चार दिन में ही गेंहू के भावों में प्रति क्विंटल 150-200 रुपए की तेजी दर्ज की गई है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार निर्यात शुरू कर देगी तो आने वाले दिनों में दाम और बढ़ेंगे।

अप्रेल से लगातार बढ़ रहे हैं भाव
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मार्च-अप्रेल से गेंहू के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। जोधपुर में भी गत वर्ष अप्रेल में 2000-2300 रुपए प्रति क्विंटल भाव वाला गेंहू, इस बार अप्रेल में करीब 2700 से 3200 रुपए प्रति क्विंटल में बिका। यह तेजी अब भी बनी हुई है।

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भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक
विश्व में यूक्रेन गेंहू का बहुत बड़ा निर्यातक है। युद्ध के कारण यूक्रेन से गेंहू की सप्लाई बाधित होने से विश्व के कई देश भारत से गेहूं आयात करने की तैयारी में हैं। इससे गेंहू की मांग बढ़ने लगी है। यूक्रेन के बाद भारत दूसरे सबसे बड़ा गेंहू उत्पादक देश है। प्रदेश में सबसे ज्यादा उत्पादन श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा आदि क्षेत्रों में होता है। वहीं जोधपुर में करीब 73-80 हजार हैक्टेयर में गेंहू उत्पादन हो रहा है।

दाम बढ़ने की वजह यह भी
पिछले दो सालों में गेंहू का समर्थन मूल्य बाजार भाव से नीचे रहने, किसानों को गेंहू का लागत से कम मूल्य मिलने तथा सरसों के भावों में तेजी के चलते देश के कई राज्यों में गेंहू की बुवाई का रकबा घटा है। इस कारण गेंहू उत्पादन गत वर्षों की अपेक्षा कम होने का अनुमान है। इससे भी गेंहू के दामों में तेजी आई है।

एफसीआई खरीद केवल 40 फीसदी
गेंहू की समर्थन मूल्य पर खरीद करने वाली सरकारी एजेंसी फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने गेंहू खरीद के लिए 444 लाख टन का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन समर्थन मूल्य से बाजार भाव ज्यादा होने के कारण केवल 188 लाख टन गेंहू की ही खरीद हो सकी।सरकार के पास नया पर्याप्त स्टॉक नहीं होने से खाद्य सुरक्षा योजना के गेंहू वितरण में कमी की आशंका भी भाव बढ़ने का कारण है।

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जोधपुर में गेंहू की प्रमुख क्वालिटी व प्रति किलो भाव
किस्म्———– पुराने भाव– वर्तमान भाव
एमपी शरबती— 23-27 — 25-30
बिलाड़ा फार्मी– 32-35 — 40-45
लाल गेंहू– 38-40– 42-46

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गेंहू के निर्यात की सुगबुगाहट के साथ ही गेंहू में फिर तेजी आना शुरू हो गई है। मांग ज्यादा होने के कारण मंडियों में आवक कम हो गई है। आगामी दिनों में गेंहू के भावों में और तेजी आने की संभावना है।
-आलोक जैन, गेंहू के होलसेल व्यापारी

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