Friday, October 7, 2022
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FACT : चोरी हुए मोबाइल को झट से ढूंढ लेगी पुलिस, बस 15 अंकों का IMEI नंबर संभालकर रखना होगा, समझिए क्या होता ये?

FACT : ट्रेन, बस और रेलवे स्टेशन पर आपने कभी न कभी मोबाइल चोरी होने की घटना जरूर देखी होगी। कई लोगों का मोबाइल तो चोरी भी हुआ होगा। हर साल मोबाइल चोरी होने की घटना को लेकर अलग-अलग आंकड़े हैं। एक नजर इस पर डाल लीजिए-

  • नॉर्टन मोबाइल थेफ्ट सर्वे के अनुसार, साल 2006-2010 के बीच 53% भारतीयों का मोबाइल फोन चोरी हुआ था।
  • दिल्ली में 1 जनवरी 2022 से 28 जून 2022 के बीच 4 हजार 660 फोन स्नैचिंग के मामले सामने आए।
  • मुंबई में साल 2021 में लगभग 48 हजार 856 चोरी हुए मोबाइल फोन का कोई पता नहीं चला।
  • सिटी क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े कहते हैं कि साल 2017, 2018 और 2019 में बेंगलुरु में 2.43 लाख मोबाइल फोन खो गए या चोरी हो गए।

मोबाइल चोरी के बढ़ते मामले को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस अब इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और टेलीकम्युनिकेशन्स डिपार्टमेंट के साथ तालमेल बिठाने की सोच रही है। यह डिवाइस के IMEI यानी इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी नंबर का इस्तेमाल करके किया जाएगा।

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आप सोच रहे होंगे, ये IMEI नंबर है क्या और इससे रिश्ता मोबाइल चोरी होने से क्या है? चलिए इस बात को समझते हैं-

सवाल- IMEI नंबर क्या होता है?
जवाब- 
IMEI एक यूनीक नंबर होता है। यह मोबाइल का आइडेंटिटी सर्टिफिकेट है। इसे बदला नहीं जा सकता। जब भी आप नया मोबाइल खरीदते हैं, तो उसके बॉक्स और डिवाइस में लिखा हुआ 15 अंकों का IMEI नंबर चेक करें और उसे कहीं नोट जरूर कर लें।

सवाल- IMEI नंबर का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
जवाब- 
इसका इस्तेमाल इन 3 चीजों के लिए किया जाता है-

  • मोबाइल नेटवर्क पर डिवाइस की पहचान करने के लिए किया जाता है।
  • जब आप इंटरनेट यूज करते हैं या कॉल करते हैं, तो इस नंबर का आपके डिवाइस की पहचान को वेरिफाइड करने के लिए किया जाता है।
  • मोबाइल चोरी हो जाने पर लोकेशन चेक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

सवाल- आजकल लगभग हर व्यक्ति के पास एक मोबाइल फोन पर 2 सिम होते हैं, ऐसे में IMEI नंबर कितने होते हैं?
जवाब- 
अगर आपके पास दो सिम है, तो आपका IMEI नंबर भी अलग-अलग यानी दो होगा।

अक्सर लोग मोबाइल खरीदते हैं और उसका बॉक्स कुछ दिन तक टेबल में या अलमारी पर रखते हैं, फिर फेंक देते हैं। उसे संभालकर रखना या बॉक्स में IMEI नंबर चेक करके डायरी में नोट कर लेना, सबकी आदत में नहीं होता है, लेकिन फिर भी IMEI नंबर पता चल सकता है। 

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सवाल- मोबाइल चोरी हो जाने पर दिल्ली पुलिस जांच के लिए IMEI नंबर का इस्तेमाल कैसे कर रही है?
जवाब-
 दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार…

  • IMEI नंबर के जरिए चोरी हुए फोन का डेटा तुरंत दर्ज करके, इसे हमारे सर्वर और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) पर अपलोड किया गया।
  • ये ट्रायल एक महीने तक करने पर 950 से ज्यादा IMEI नंबर और मोबाइल फोन को ब्लॉक किया जा सका।
  • इस प्रोसेस के जरिए पुलिस पीड़ितों को उनके चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) में रजिस्टर करने में भी मदद कर रही है।

सवाल- IMEI नंबर के जरिए पुलिस चोरी हुए फोन को ट्रैक कर सकती है, उसे ढूंढ सकती है, लेकिन चोर हर मुश्किल का कोई न कोई तोड़ निकाल लेते हैं। तो क्या IMEI नंबर को लेकर भी चोरों के पास कोई तोड़ मौजूद है, जो पुलिस के लिए चुनौती हो सकती है?
जवाब- 
जी हां, कुछ चोर गिरोह ने मोबाइल को चोरी करने के बाद उसे फॉर्मेट करना शुरू कर दिया है। ऐसे मोबाइल फोन, जिनमें ऑपरेटिंग सिस्टम ज्यादा अच्छा नहीं होता है, उन्हें आसानी से ब्रेक किया जा सकता है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, एक सॉफ्टवेयर है जो मोबाइल के IMEI नंबर को भी बदल सकता है। यह लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के लिए परेशानी का कारण और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।

सवाल- क्या पुलिस के अलावा कोई और भी आपके मोबाइल का IMEI नंबर ट्रैक कर सकता है?
जवाब-
 जी हां, पुलिस के अलावा सरकार भी आपका IMEI नंबर ट्रैक कर सकती है। अगर सरकार को आपके बारे में कोई जानकारी चाहिए तो वह आपके IMEI नंबर को ट्रैक कर सकती है।

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सवाल- क्या आप अपना IMEI नंबर दोस्तों या ऑफिस के लोगों के साथ शेयर कर सकते हैं, इससे कोई दिक्कत तो नहीं होगी?
जवाब- 
आपके फोन की यूनीक आइडेंटिटी IMEI नंबर है। इसलिए इसे भूलकर भी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। मान लीजिए अगर किसी को आपसे कोई दिक्कत है और उसने आपका IMEI नंबर जानकर हैकर्स को दे दिया, तो आपकी लोकेशन को हर वक्त ट्रैक की जा सकती है। इसके जरिए कोई अपराध भी हो सकता है।

सवाल- कुछ लोगों को हर चीज से छेड़छाड़ करने में मजा आता है। जैसे- अपने मोबाइल के IMEI नंबर को बदलने या मिटाने की कोशिश करना। कई बार चोर मोबाइल चोरी करने के बाद भी IMEI नंबर को बदलते हैं। ऐसे में क्या कोई कानून है, जिसके तहत IMEI नंबर से छेड़छाड़ करने वालों को सजा मिल सके?
जवाब- 
साल 2017 में सरकार ने मोबाइल के IMEI नंबर में छेड़छाड़ को दंडनीय अपराध माना है। दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को 3 साल तक की जेल हो सकती है। यह नियम इंडियन टेलीग्राफ कानून की धारा-7 और धारा-25 को मिलाकर बनाया गया है।

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