Murgi Ki Desi Varieties : मुर्गी की ये सबसे ज्यादा आमदनी वाली 8 देसी किस्में चमकाएगी किसानों की किस्मत,देती है 210 से 225 अण्डे

Desi Murgi Palan :- देश में अंडा और मांस की खपत दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, जिसे पूरा करने के लिए अब किसान खेती के साथ-साथ मुर्गी पालन की करने लगे हैं। मुर्गी पालन में भारत विश्व में अग्रणी देशों में शामिल है। अंडा उत्पादन में भारत चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है जबकि मांस उत्पादन में 5वें स्थान पर है। भारत में पोल्ट्री फार्मिंग के जरिये देश के साथ-साथ विदेश की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है।

ये भी पढ़िए :Kisan:सरकार दे रही है रीपर मशीन खरीदने पर किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी जानिए,कैसे करे आवेदन

Murgi Ki Desi Varieties : मुर्गी की ये सबसे ज्यादा आमदनी वाली 8 देसी किस्में चमकाएगी किसानों की किस्मत, देती है 210 से 225 अण्डे

Murgi Ki Desi Varieties

हमारे वैज्ञानिक भी मुर्गी पालन को और भी ज्यादा फायदेमंद बनाने के लिए मुर्गियों की नई प्रजातियां विकसित कर रहे हैं। इन प्रजातियों से साल में 200 से भी ज्यादा अंडे और पौष्टिक मांस का उत्पादन मिल जाता है। इन मुर्गियों के साथ बड़े स्तर पर पोल्ट्री फार्मिंग करने के लिए सरकार भी उचित दरों पर आर्थिक अनुदान देती है।

Murgi Ki Desi Varieties वनराजा नस्ल

वनराजा एक प्राचीन नस्ल है। इस मुर्गी का मांस स्वादिष्ट एवं कम चर्बी वाला होता है। इसे देशी मुर्गियों में सबसे अच्छी माना जाता है। यह मुर्गी सालाना 120 से 140 अंडे देती है। इस नस्ल की मुर्गे का औसत वजन 2 से 4 किलो तक हो जाता है। 

Murgi Ki Desi Varieties हितकारी मुर्गी 

भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित हितकारी मुर्गी को नेकेड ने और कैरी रेड के संस्करण से तैयार किया गया है. इस मुर्गी के गर्दन पर बाल नहीं होते और यह मुर्गी आंतरिक गर्मी को भी आराम से निकाल लेती है, इसीलिए बाजार में इसके मांस की काफी अच्छी डिमांड रहती है। हितकारी मुर्गी से साल भर में 200 अंडों का उत्पादन ले सकते हैं। बता दें कि भर गर्मी में भी हितकारी मुर्गी के अंडों का छिलका मोटा नहीं होता. एक तरफ गर्मी के मौसम में मुर्गियों की मृत्यु दर बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में एक कार्य मुर्गी मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ अंडों का बंपर उत्पादन देती रहती है।

Murgi Ki Desi Varieties : मुर्गी की ये सबसे ज्यादा आमदनी वाली 8 देसी किस्में चमकाएगी किसानों की किस्मत, देती है 210 से 225 अण्डे

Murgi Ki Desi Varieties उपकारी मुर्गी 

उपकारी मुर्गी बहुरंगी बनावट और मध्यम आकार वाली उपकारी मुर्गी को भारतीय नस्ल की देसी मुर्गी कैरी रेट के संस्करण से तैयार किया गया है। यह मुर्गी शुष्क इलाकों में पाली जाती है। जानकारी के लिये बता दें कि सिर्फ 20 सप्ताह के अंदर उपकारी मुर्गी के चूजों का वजन 1688 ग्राम हो जाता है, जिससे साल में 200 अंडे और बढ़िया-पौष्टिक मांस का उत्पादन ले सकते हैं।

Murgi Ki Desi Varieties ग्रामप्रिया नस्ल 

ग्रामप्रिया नस्ल की अण्डों का रंग भूरा और उसका वजन 57 से 60 ग्राम होता है। इन मुर्गियों से अंडा और मांस दोनों मिलता है। इसका उपयोग तन्दूरी डिस बनाने में भी किया जाता है। एक साल में लगभग 210 से 225 अण्डे देने की क्षमता होती है। यह घर के पिछवाड़े और बगीचे में पालन करने के लिए काफी उपयुक्त है। ग्रामप्रिया नस्ल का वजन 12 हफ्तों में 1.5 से 2 किलोग्राम तक हो जाता है। 

Murgi Ki Desi Varieties कैरी श्यामा मुर्गी 

कैरी श्यामा मुर्गी के मांस में वसा और रेशा कम होता है, इसीलिए बाजार में इसकी काफी डिमांड रहती है। प्रोटीन के गुणों से भरपूर यह मुर्गी आदिवासी इलाकों में ज्यादा मशहूर है। यह प्रजाति भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा कड़कनाथ और कैरी रेड के संस्करण से तैयार की गई है, जो साल में 210 अंडों का उत्पादन दे सकती है।

Murgi Ki Desi Varieties : मुर्गी की ये सबसे ज्यादा आमदनी वाली 8 देसी किस्में चमकाएगी किसानों की किस्मत, देती है 210 से 225 अण्डे

Murgi Ki Desi Varieties कड़कनाथ नस्ल

कड़कनाथ नस्ल का मूल नाम कलामासी है, जिसका अर्थ काले मांस वाला पक्षी होता है। कड़कनाथ नस्ल मूलतः मध्य प्रदेश में पाई जाती है। इस नस्ल के मीट में 25% प्रोटीन पायी जाती है जो अन्य नस्ल के मीट की अपेक्षा अधिक है। कड़कनाथ नस्ल के मीट का उपयोग कई प्रकार की दवाइयां बनाने में भी किया जाता है इसलिए व्यवसाय की दृष्टि से यह नस्ल अत्यधिक लाभप्रद है। यह मुर्गिया प्रतिवर्ष लगभग 80 अंडे देती है। इस नस्ल की प्रमुख किस्में जेट ब्लैक, पेन्सिल्ड और गोल्डेन है।

Murgi Ki Desi Varieties कैरी निर्भीक मुर्गी

कैरी निर्भीक मुर्गी भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित कैरी निर्भीक एक देसी नस्ल की मुर्गी है, जिसका मांस प्रोटीन के गुणों से भरपूर होता है. यह मुर्गी बेहद ही एक्टिव, आकार में बड़ी, शक्तिशाली, तेजतर्रार, स्वभाव से लड़ाकू और मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली होती है। लगभग 20 सप्ताह के अंदर ही इसके चूजों का वजन 1847 ग्राम तक हो जाता है, जिनसे हर साल 198 से 200 अंडों का उत्पादन ले सकते हैं। किसान चाहें तो कैरी निर्भीक मुर्गी का पोल्ट्री फार्म शुरू करके कम खर्च में अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

Murgi Ki Desi Varieties श्रीनिधि नस्ल

श्रीनिधि नस्ल की मुर्गियां बहुत जल्दी विकसित होती हैं। इन मुर्गियों के मांस और अंडे दोनों से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। यह बहुत ही कम समय में ठीक-ठाक मुनाफा देने लगती हैं। बता दें, अगर आप 10 से 15 मुर्गियों के साथ इसके बिजनेस की शुरुआत करते हैं, तो आपको 40 से 50 हजार रुपये की लागत आएगी। पूरी तरह से विकसित होने के बाद इन्हें बाजार में बेचने पर आपको लागत से दो गुना ज्यादा मुनाफा मिल सकता है।

डिस्क्लेमर :- यहां दी गयी जानकारी सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है। बैतूल समाचार किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़े