Wheat Best Variety: सोने की खेती कहलाती है गेहूं की यह किस्म, 6000 रूपये क्विंटल बिकता है यह गेहूं, देखे इसके उत्पादन के बारे में

Wheat Best Variety: सोने की खेती कहलाती है गेहूं की यह किस्म, 6000 रूपये क्विंटल बिकता है यह गेहूं, देखे इसके उत्पादन के बारे में, खेती-किसानी को ज्यादा लाभकारी बनाने के लिये किसान के साथ वैज्ञानिक भी नये-नये तरीके इजाद कर रहे हैं। जिससे खेती की लागत को कम कर अधिक से अधिक उत्‍पादन प्राप्‍त हो सके और किसानों को अच्‍छा मुनाफा मिलें। देश में सर्वाधिक उगाई जाने वाली गेहूं की नई किस्‍में भी बेहतर उत्‍पादन कर किसानों को अच्‍छा मुनाफा कमानेे का मौका दे रही हैं। इनमें गेहूं की किस्मों में लोकप्रिय काठिया प्रजाति, जिसे काला गेहूं भी कहते हैं, भी शामिल है।

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देखे इस गेहूं का उपयोग कहा कहा किया जाता है (See where this wheat is used)

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इस लोकप्रिय काठिया किस्म के गेहूं से दलिया, सूजी और रवा के साथ-साथ सेवइयां, नूडल्स, पिज्जा, वर्मी सेली और स्पेघेटी बनाई जा रही है। काठिया गेहूं की फसल पानी की कमी वाले इलाकों के लिये किसी वरदान से कम नहीं है।

जानिए गेहूं की इस खास किस्म के बारे में (Know about this special variety of wheat)

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भारत में करीब 25 लाख हेक्टेयर या उससे कुछ अधिक क्षेत्रफल में ही काठिया गेहूं की खेती करके ज्यादा उत्पादन हो रहा है। गेहूं के उत्पादों की बढ़ती डिमांड के चलते काठिया गेहूं का रकबा भी बढ़ाने की जरूरत है। पोषक तत्वों से भरपूर गेहूं की ये प्रजाति कुछ साल पहले तक सिर्फ उत्तर प्रदेश के किसानों तक ही सीमित थी, लेकिन इसकी खूबियों को परखते हुये अब गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के किसान भी काठिया गेहूं की खेती करने के लिए उत्साहित हैं।

देखे गेहूं की इस खास किस्म और इसकी कीमतों के बारे में के बारे में (See about this special variety of wheat and its prices)

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असिंचित या कम पानी वाले इलाकों में भी काठिया गेहूं की खेती करके 30 से 35 क्विंटल तक उत्पादन कर सकते हैं। वहीं सिंचित इलाकों में काला गेहूं 50 से 60 क्विंटल की पैदावार देता है। गेहूं की साधारण किस्मों की तुलना में काठिया गेहूं को बीटा कैरोटीन व ग्लुटीन का अच्छा स्रोत मानते हैं। इसमें बाकी किस्मों के मुकाबले 1.5 से 2 प्रतिशत अधिक प्रोटीन मौजूद होता है। पोषक तत्वों से भरपूर काठिया गेहूं की फसल में रतुआ रोग की संभावना भी कम ही रहती है। देश-विदेश में बढ़ती मांग के चलते काला गेहूं 4,000 से 6,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बाजार में बिक रहा है।

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जानिए गेहू की इस किस्म की बुआई और सिचाई के बारे में (Know about the sowing and irrigation of this variety of wheat)

असिंचित दशा में कठिया गेहूँ की बुआई अक्टूबर माह के अन्तिम सप्ताह से नवम्बर से प्रथम सप्ताह तक अवश्य कर देनी चाहिए। सिंचित अवस्था में नवम्बर का दूसरा एवं तीसरा सप्ताह सर्वोत्तम समय होता है। कठिया गेहूँ की किस्मों में सूखा प्रतिरोधी क्षमता अधिक होती है। इसलिये 3 सिंचाई ही पर्याप्त होती है जिससे 45-50 कु०/हे० पैदावार हो जाती है।

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